राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारतीय समाज में स्तरीकरण: लैंगिक आयामों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण
DOI:
https://doi.org/10.65250/chaitanyasamvad.v2i3.4Abstract
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारतीय शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण नीति के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय समाज में शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक अवसरों के वितरण, सामाजिक गतिशीलता और विभिन्न समूहों की सामाजिक स्थिति को प्रभावित करने वाली संस्था भी है। इस संदर्भ में लैंगिक असमानता को सामाजिक स्तरीकरण के एक महत्वपूर्ण आयाम के रूप में समझना आवश्यक है। यद्यपि भारत में महिलाओं और बालिकाओं की शैक्षिक भागीदारी में पिछले दशकों में वृद्धि हुई है, फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मान्यताओं, आर्थिक स्थिति, डिजिटल विभाजन, घरेलू जिम्मेदारियों तथा क्षेत्रीय असमानताओं के कारण शिक्षा के अवसरों में लैंगिक अंतर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निहित लैंगिक समानता एवं समावेशन संबंधी प्रावधानों का भारतीय समाज में विद्यमान लैंगिक स्तरीकरण के संदर्भ में समाजशास्त्रीय विश्लेषण करना है। अध्ययन मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, सरकारी दस्तावेजों, उपलब्ध शैक्षिक रिपोर्टों तथा संबंधित अकादमिक साहित्य का उपयोग किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि नीति में बालिकाओं एवं महिलाओं की शिक्षा तक पहुँच, भागीदारी और निरंतरता को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
प्रमुख शब्द: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, सामाजिक स्तरीकरण, लैंगिक असमानता, महिला शिक्षा, सामाजिक समावेशन, सामाजिक गतिशीलता।